कृषि समृद्धि की ओर ऐतिहासिक पहल – जल्द शुरू होगी मक्का प्रोसेसिंग यूनिट, जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह की पहल लाई रंग

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कृषि समृद्धि की ओर ऐतिहासिक पहल – जल्द शुरू होगी मक्का प्रोसेसिंग यूनिट, जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह की पहल लाई रंग

 

हमारा जिला एक कृषि प्रधान क्षेत्र है जहाँ की मिट्टी से मेहनतकश किसानों की आत्मा जुड़ी हुई है। यहां के कृषकों की आजीविका मुख्यता मक्के की खेती पर निर्भर है तथा बड़े पैमाने पर मक्का का उत्पादन होता है ,हमारे किसानों को उनके उत्पादों का वाजिब मूल्य नहीं मिल पाता। भंडारण, प्रोसेसिंग और विपणन की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें बिचौलियों और नुकसान का सामना करना पड़ता रहा है।

 

इन जमीनी हकीकतों को समझते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नम्रता सिंह जी ने किसानों के हित में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।

आज सीतागांव में सुशासन तिहार के दौरान प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं जिले के प्रभारी मंत्री व उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से विशेष भेंट कर मक्का प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की माँग को पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ उनके समक्ष रखा। यह केवल एक मांग नहीं थी, बल्कि जिले के लाखों किसानों की आवाज़, उम्मीद और आत्मसम्मान की पुकार थी।

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय  और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने इस मांग को सहर्ष स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया और कहा कि एक जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा इस प्रकार किसानों के प्रति सोच एक अभिनव पहल है इस पर जल्द ही कार्यवाही शुरू की जाएगी और जिले में मक्का प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।

 

आपको बताते है कि जिले में मक्का प्रोसेसिंग यूनिट से क्या बदलेगी?

किसानों को फसल का उचित मूल्य मिलेगा, क्योंकि अब मक्का सीधे प्रोसेस होकर उत्पादों के रूप में तैयार होगी।स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे युवाओं को गांव में ही काम मिलेगा।महिलाओं के लिए भी स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाएगा।मक्का जैसे अनाज की बर्बादी रुकेगी, जिससे उत्पादन का संपूर्ण उपयोग हो सकेगा।बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसान सीधे लाभान्वित होंगे।

 ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम।श्रीमती नम्रता सिंह  का यह प्रयास केवल एक प्रशासनिक कार्यवाही नहीं है, बल्कि एक संकल्प है – “हर किसान मुस्कुराए, हर खेत लहलहाए।”उन्होंने दिखा दिया कि जब नेतृत्व जमीनी हो, जनप्रतिनिधि संवेदनशील हो और सरकार सजग हो – तो बदलाव सिर्फ सपना नहीं, हकीकत बन जाता है। इस ऐतिहासिक पहल का समर्थन करें और अपने अन्नदाता के जीवन में समृद्धि की रोशनी फैलाएं।